नई दिल्ली, जून 7 -- हॉरर फिल्में बनाने वाले विक्रम भट्ट पिछले साल धोखाधड़ी के मामले में करीब 70 दिनों तक जेल में थे। उन्होंने अपने जेल के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने जेल में एक अलग हिंदुस्तान देखा। विक्रम भट्ट ने बताया कि वहां उनकी कई लोगों से दोस्ती हो गई थी। उन्होंने कुछ ऐसे दोस्त बनाए हैं जो जीवन भर के लिए उनके दोस्त बन गए। हालांकि, दोस्ती के बाद भी उन्हें जेल में परेशानियों का सामना करना पड़ा। विक्रम ने बताया कि वो जेल में मरते-मरते बचे थे।एक बैरेक में होते से 60 से 80 लोग सिद्धार्थ कनन के साथ खास बातचीत में विक्रम भट्ट ने बताया कि उनके बैरक में 60 से 80 लोग होते थे। कभी-कभी तो 90 लोग होते थे। विक्रम ने बताया कि जिस दिन कोर्ट की छुट्टी होती थी, उस दिन ज्यादा लोग होते थे क्योंकि उस दिल लोगों की बेल नहीं होती थी। वहीं, जब को...