जयपुर, जुलाई 21 -- संसद के मानसून सत्र में एक बार फिर बड़े कॉरपोरेट लोन और बैंकों के बट्टे खाते का मुद्दा गरमा गया है। नागौर से सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा में पूछे गए अपने लिखित प्रश्न के जवाब के बाद केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बेनीवाल का आरोप है कि जब आम लोगों और किसानों से बैंकों की वसूली में कोई नरमी नहीं बरती जाती, तो हजारों करोड़ रुपये के डिफॉल्टर कॉरपोरेट घरानों के नाम उजागर करने से सरकार आखिर क्यों बच रही है?सरकार ने संसद में क्या स्वीकार किया? लोकसभा में सांसद हनुमान बेनीवाल के सवाल का जवाब देते हुए वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि वर्ष 2014-15 से 2025-26 के बीच सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने बड़े उद्योगों और सेवा क्षेत्र से जुड़े बड़े उधारकर्ताओं के ...