नई दिल्ली, अगस्त 28 -- इस साल का दूसरा और आखिरी चंद्रग्रहण 7 सितंबर को लगने जा रहा है। यह ग्रहण भारत समेत कई देशों में दिखाई देगा। इसलिए इस ग्रहण का सूतक काल माना जाएगा। चंद्र ग्रहण के शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। इस चंद्र ग्रहण का सूतक काल दोपहर 12:57 बजे शुरू हो जाएगा। इसलिए इस दौरान कुछ कामों को सूतक से पहले ही निपटा लें। दरअसल धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण में मंदिरों के कपाट बंद हो जाते हैं, वहीं तुलसी को भी ग्रहण काल में स्पर्श नहीं किया जाता है। इसलिए ग्रहण काल में तुलसी को न तो छूना चाहिए और न ही उसकी पत्तियां तोड़नी चाहिए। ग्रहण के प्रभाव से बचने के लिए तुलसी के पत्ते सूतक काल से पहले ही तोड़कर रख लें। इसके बाद ये तुलसी के पत्ते खाने में और पीने के पानी में डाल दें। ऐसा कहा जाता है कि तुलसी कभी अप...