नई दिल्ली, अक्टूबर 9 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए कहा कि ऐसे न्यायिक अधिकारी जिन्होंने सात साल की वकालत पूरी कर ली है, वे अब बार कोटा के तहत जिला न्यायाधीश (District Judge) बन सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने यह निर्णय देते हुए साफ कहा कि पात्रता की गणना आवेदन की तिथि पर होगी और न्यायिक अधिकारी एवं वकील के रूप में संयुक्त अनुभव को सात वर्ष की आवश्यक योग्यता में जोड़ा जा सकेगा। पीठ ने वर्ष 2020 के धीरज मोर के मामले में सुनाए गए दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले को पलट दिया। हाईकोर्ट के फैसले में यह कहा गया था कि सेवारत न्यायिक अधिकारी बार कोटा के तहत जिला जज की नियुक्ति के लिए आवेदन नहीं कर सकते। सुप्रीम कोर्ट की नई व्याख्या ने उस व्यवस्था को खत्म करते हुए कहा कि संविधान की व्याख्या ...