नई दिल्ली, अक्टूबर 29 -- पोलियो ने महज सात साल की उम्र में कदमों को बेशक कमजोर कर दिया, लेकिन नीरज यादव के हौसले को नहीं तोड़ सका। दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में सुबह छह बजे से पसीना बहाकर उन्होंने दुनियाभर में देश का परचम लहराया और एशियन पैरा गेम्स में तीन स्वर्ण पदक जीते। संघर्ष, मेहनत और कामयाबी की ऐसी मिसाल पेश करने वाले नीरज का सफर 42 साल की उम्र में थम गया। उनके निधन से भारतीय पैरा खेल जगत में शोक है। नीरज यादव का जन्म 10 फरवरी 1984 को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हुआ था। वह दिल्ली में देवली खानपुर में परिवार के साथ रहते थे। नीरज ने शुरुआत में व्हीलचेयर टेनिस खेला। करीब सात साल तक इस खेल से जुड़े रहने के बाद वर्ष 2015 में पैरा एथलेटिक्स में आए। उन्होंने भाला फेंक, चक्का फेंक और गोला फेंक स्पर्धाओं में अपनी पहचान बनाई। यह भी ...