गंगापार, जून 30 -- बारा/शंकरगढ़, हिन्दुस्तान संवाद। शंकरगढ़ में पेयजल संकट लोगों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। हर वर्ष मार्च माह से ही जलस्तर गिरने के साथ पेयजल की किल्लत शुरू हो जाती है और गर्मी बढ़ने पर हालात और अधिक खराब हो जाते हैं। शासन द्वारा समय-समय पर नलकूप, ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक तथा अन्य पेयजल योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन आज तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका।

समस्या की जांच बताया गया कि कई वर्ष पहले प्रतापपुर से शंकरगढ़ तक पेयजल आपूर्ति के लिए लगभग 67 करोड़ रुपये की योजना का डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा गया था, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। इसके बाद पूर्व सांसद डॉ. रीता बहुगुणा जोशी के प्रयासों से करीब चार करोड़ रुपये की पेयजल योजना शुरू हुई, किंतु निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं और घटिया पाइपलाइन बिछाए ज...