नई दिल्ली, जनवरी 7 -- दिल्ली हाईकोर्ट ने नाबालिग पोती (6 साल) से यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी ठहराए गए 65 साल के व्यक्ति की सजा को घटा दिया है। कोर्ट ने आरोपी की 10 साल की सजा को घटाकर 5 साल कर दिया है। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा- आरोपी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का अपराध साबित होता है, लेकिन गंभीर यौन हमले के आरोप संदेह से परे साबित नहीं हो सके। यह फैसला न्यायमूर्ति मनोज कुमार ओहरी ने 6 जनवरी को सुनाया। कोर्ट ने आरोपी की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए उसे POCSO एक्ट के तहत "एग्रेवेटेड पेनिट्रेटिव सेक्सुअल असॉल्ट" की जगह "एग्रेवेटेड सेक्सुअल असॉल्ट" का दोषी ठहराया। यह भी पढ़ें- प्रेमी ने तकिए से मुंह दबाया, पत्नी ने प्राइवेट पार्ट दबा पति को मार डालाजानिए क्या था मामला साल 2015 में छह साल की बच्ची की दादी ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्...