कुशीनगर, जून 17 -- कुशीनगर, मिथिलेश द्विवेदी। तरयासुजान विद्युत उपकेंद्र से जुड़े सलेमगढ़ क्षेत्र की बिजली व्यवस्था आज भी करीब 63 वर्ष पुराने ढांचे पर टिकी हुई है। वर्ष 1963 में यहां ग्रामीण विद्युतीकरण हुआ था, लेकिन कई स्थानों पर अब भी जर्जर और पुराने तारों के सहारे बिजली आपूर्ति की जा रही है। समय के साथ तारों की स्थिति खराब होती गई है। बरसात और तेज हवा के कारण हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

बिजली व्यवस्था की स्थिति क्षेत्र के कई गांवों में बिजली के तार जगह-जगह झूल रहे हैं। कई स्थानों पर तार जमीन के काफी नजदीक आ गए हैं, जिससे राहगीरों, किसानों और मवेशियों के लिए खतरा उत्पन्न हो गया है। बरसात और तेज हवा के दौरान स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि मौसम खराब होने पर तारों के टूटकर गिरने की घटनाओं की आशंका बनी रहती है, जि...