नई दिल्ली, मार्च 6 -- बात साल 1966 की है, जब दिग्गज निवेशक वॉरेन बफेट कैलिफोर्निया में वॉल्ट डिज्नी से मिलने पहुंचे। यह वो दौर था, जब डिज्नी ने अपना मशहूर डिज्नीलैंड पार्क खोला था। बफेट ने उस मुलाकात को याद करते हुए कहा कि वॉल्ट डिज्नी ने उनके साथ कंपनी की पूरी योजना साझा की और बेहद विनम्रता से बात की। यह मुलाकात इतनी अच्छी रही कि बफेट ने महज 4 मिलियन डॉलर में डिज्नी में 5% हिस्सेदारी खरीद ली। उस समय पूरी डिज्नी कंपनी की वैल्यू सिर्फ 80 मिलियन डॉलर थी और उस पर कोई कर्ज भी नहीं था। बफेट को यह सौदा इतना सस्ता इसलिए लगा क्योंकि कंपनी ने सिर्फ 'पाइरेट्स ऑफ द कैरेबियन' राइड पर ही 17 मिलियन डॉलर खर्च कर दिए थे, यानी पूरी कंपनी की कीमत उसके कुछ प्रमुख राइड्स की लागत से भी कम थी।बेचने का फैसला गलत साबित हुआ हालांकि, बफेट से एक बड़ी चूक हुई। अपनी ...