बहराइच, मई 19 -- तेजवापुर, संवाददाता। बाल विकास परियोजना विभाग स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहा है। जिले भर में करीब 60 प्रतिशत सुपरवाइजरों के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं, जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी और बच्चों व गर्भवती महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के संचालन पर सीधा असर पड़ रहा है। एक सुपरवाइजर दर्जनों ग्राम पंचायतों और सैकड़ों आंगनबाड़ी केंद्रों की जिम्मेदारी है। यह भी पढ़ें- 60 फीसदी सुपरवाइजरों के पद खाली, योजना प्रभाविततेजवापुर ब्लॉक की स्थिति तेजवापुर ब्लॉक की स्थिति सबसे अधिक चिंताजनक बनी हुई है। यहां 73 ग्राम पंचायतों में संचालित 207 आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी केवल दो सुपरवाइजरों के सहारे हो रही है। परियोजना कार्यालय में वर्तमान समय में सिर्फ सीडीपीओ पूनम सैनी, दो सुपरवाइजर प्रिया मिश्रा, मंजुला देवी, एक बाबू राजू चंद्र और एक ...