नई दिल्ली, सितम्बर 16 -- किशाऊ बांध पर 86 साल का इंतजार मंगलवार को छह राज्यों के बीच समझौते के साथ खत्म हुआ। यमुना बेसिन की किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को लेकर छह राज्यों के बीच लंबे समय से चला आ रहा गतिरोध खत्म हो गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के मुख्यमंत्रियों ने परियोजना समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना घोषित किया गया है, इसका लगभग 90 फीसदी वित्तीय भार भारत सरकार और शेष 10 फीसदी राशि भागीदार राज्यों द्वारा वहन की जाएगी। यह परियोजना 2035 तक पूरी होगी। परियोजना से 1457 एमयू बिजली मिलेगी। उत्तराखंड और हिमाचल के बीच ये बिजली आपस में बंटेगी। उत्तराखंड के हिस्से 728 मिलियन यूनिट बिजली आएग...