रामपुर, दिसम्बर 27 -- शासन ने जी-राम-जी योजना में पारदर्शिता और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए श्रमिकों की ई-केवाईसी अनिवार्य कर दिया है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य फर्जी जॉबकार्ड को खत्म करना और वास्तविक श्रमिकों की पहचान कर उन्हें श्रमिक योजनाओं का लाभ दिलाना है। नई प्रक्रिया से ई-केवाईसी कराने पर ही श्रमिकों को काम मिलेगा तथा मस्टररोल भरा जा सकेगा। जिले में मनरेगा में दो लाख से अधिक श्रमिक पंजीकृत हैं। इनमें से 1.32 लाख सक्रिय श्रमिक हैं, जिनकी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी की जानी है। अब तक 59880 श्रमिक ई-केवाईसी करा सके हैं। 72487 श्रमिकों की ई-केवाईसी अभी तक नहीं हो सकी है, जबकि इसकी आखिरी तिथि 30 दिसंबर तक है। इसके बाद ई-केवाईसी न कराने वाले श्रमिकों को एक जनवरी से काम मिलना बंद हो जाएगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने श्रमिक हि...