पटना, फरवरी 25 -- राज्य के प्रखंडस्तरीय पशुचिकित्सालयों में पदस्थापित 534 भ्रमणशील पशुचिकित्सा पदाधिकारियों को अत्याधुनिक तकनीक की जानकारी दी जाएगी। उन्हें कृत्रिम गर्भाधान करने संबंधित तथा दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के गठन के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के उपरांत संबंधित प्रखंडों के पशुचिकित्सकों की ओर से पूरे प्रखंड अन्तर्गत पशु नस्ल सुधार कार्यक्रम से जुड़े कार्यकर्ता, कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता मैत्री को कृत्रिम गर्भाधान के आधुनिक तकनीक, समिति गठन एवं निबंधन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। बुधवार को कॉम्फेड के सभागार में सात निश्चय-3 के तहत डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार के लिए तीन दिवसीय मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक ...