नई दिल्ली, मई 9 -- हाई कोर्ट के दखल के बाद दिल्ली में 53 साल की उम्र में एक शख्स को सरकारी नौकरी मिल गई है। दरअसल यह कोई कमाल नहीं है, क्योंकि यह शख्स शहर में साल 1984 में दिल्ली में हुए सिख विरोधी दंगों का पीड़ित है और उसके साथ ही एक अन्य शख्स को दंगा पीड़ितों के लिए बनी योजना के तहत सरकारी नौकरी मिली है। इस मामले में याचिकाकर्ता पंकज बख्शी (उम्र 53) ने 5 साल पहले में हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार के साल 2006 में जारी आदेश का हवाला देते हुए दंगा पीड़ितों के लिए शुरू की गई योजना के तहत सरकारी नौकरी देने की मांग की थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार पंकज बख्शी के पिता, कौशल सिंह की मौत 1 नवंबर 1984 को मंगोलपुरी स्थित उनके घर पर दंगों के दौरान हो गई थी। वहीं दंगों के सदमे और उससे उपजी लंबी बीमारी के कारण दो साल बाद ह...
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