रांची, जून 4 -- राहे, प्रतिनिधि। राहे प्रखंड के फुलवार गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक डॉ. करमचंद अहीर पिछले 19 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए लगातार कार्य कर रहे हैं। उन्होंने अपनी पांच एकड़ बंजर भूमि पर 5000 से अधिक पौधे लगाकर उसे हराभरा वन क्षेत्र में बदल दिया है। उनकी मेहनत और समर्पण से कभी बंजर रही जमीन आज हजारों पेड़ों से आच्छादित हो चुकी है। डॉ. अहीर ने वर्ष 2005 में बंजर भूमि पर पौधारोपण शुरू किया था। वर्ष 2009 में सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने स्वयं को पूरी तरह पर्यावरण संरक्षण के कार्य में समर्पित कर दिया। उन्होंने अपने इस हरित क्षेत्र का नाम चैती शंभू पार्क रखा है। यह भी पढ़ें- 35 वर्षों से पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रहे राखोहरि आज भी वे प्रतिदिन बागान पहुंचकर पेड़ों की देखभाल करते हैं। बागान में हैं कई प्रजातियों के वृक्...