अयोध्या, अगस्त 16 -- Ram Mandir: राम मंदिर के 500 सौ साल के इतिहास का पहला अवसर था जब विराजमान रामलला अपने महल से निकलकर कुबेर टीला पर झूला विहार के लिए पहुंचे। इस ऐतिहासिक क्षण के साथ बने संत-श्रद्धालुओं ने अनुजों संग झूले पर विराजित रामलला को झूला झुलाकर भाव विभोर हो गए और उनके नेत्र स्थल हो गये। इस झूलनोत्सव के दौरान शास्त्रीय संगीतज्ञों ने स्वर लहरियों व अलाप से ऐसा समां बांधा की श्रोता भक्तजन झूम उठे। इस झूलनोत्सव की खास बात यह भी रही कि मधुर उपासना के आचार्यों ने जिन पदों की रचना की, उनमें अधिकांश युगल सरकार अर्थात भगवान श्रीसीताराम को केंद्र में रखकर की। श्रीराम जन्मभूमि में तीनों अनुजों के संग झूलन में विराजित रामलीला के मुखोल्लास के लिए गाए जाने पदों को खोज-खोज कर छांटा गया। इन पदों में भी हनुमत निवास महंत आचार्य मिथिलेश नंदिनी श...