नई दिल्ली, जून 26 -- सुप्रीम कोर्ट ने 30 साल पहले साल 1997 में 500 रुपए की घड़ी को लेकर देहरादून में पड़ोसियों के बीच हुए विवाद और फिर इसके बाद हुई एक मौत के मामले का निपटारा कर दिया है। इस दौरान जस्टिस उज्जवल भुयान और अरुण पल्ली की बेंच ने तीन दोषियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या के मामले और धारा 304 के तहत चल रही क्रिमिनल कार्रवाई को बंद कर दिया और एकमात्र जीवित बचे आरोपी की सजा को घटाकर डेढ़ साल कर दिया। पीठ ने इस बात पर गौर किया कि याचिकाकर्ता की अपील पर सुनवाई शुरू होने से पहले ही तीन में से दो आरोपियों की मौत हो गई, जबकि तीसरे आरोपी की उम्र 60 साल से अधिक हो चुकी है। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह घटना 12 फरवरी 1997 को हुई थी, और इतने सालों में जहां दो आरोपियों की मौत हो चुकी है, वहीं जीवित बचे एकमात्र आरोपी माथु ...