बाराबंकी, मार्च 5 -- बाराबंकी। गोवंश संरक्षण व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और संसाधन-सक्षम बनाने की दिशा में विभाग ने फैसला लिया है। स्कूलों की तर्ज पर 50 से कम गोवंश संख्या वाले अस्थायी और स्थायी गोआश्रय स्थलों का विलय कर वहां संरक्षित पशुओं को बड़े एवं पर्याप्त क्षमता वाले गोआश्रयों में स्थानांतरित किए जाएंगे। पशुपालन विभाग उत्तर प्रदेश के निदेशक डा. मेघपाल सिंह ने सभी मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारियों को विस्तृत निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में संचालित 458 गोआश्रय स्थलों में गोवंश की संख्या 30 से भी कम पाई गई है। बीते 11 फरवरी को अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में बैठक हुई थी, जिसमें ऐसे गोआश्रयों को चिह्नित करने के आदेश दिए गए थे। संसाधनयुक्त और उच्च क्षमता वाले केंद्रों में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया, ताक...