फिरोजाबाद, मार्च 10 -- शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत जिले में दूसरे चरण की लॉटरी में 900 से ज्यादा बच्चों को प्रवेश मिला। हालांकि 1100 से ज्यादा बच्चों के अभिभावकों का ख्वाब लॉटरी में शामिल होने से पहले ही टूट गया। इनके बच्चों के फॉर्मों में कमियां होने के कारण इन्हें निरस्त कर दिया। वहीं 121 बच्चे पोर्टल स्तर पर रिजेक्ट हो गए। माना जा रहा है कि इन बच्चों ने जिन स्कूलों को भरा था, वह पहले ही आवंटित हो गए थे। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राइवेट स्कूलों की 25 फीसद सीटों पर निर्धन वर्ग के बच्चों को दाखिला दिलाया जाता है। इसके लिए अभिभावक बच्चों के फॉर्म ऑन लाइन ही जमा करते हैं, जिनकी विभाग द्वारा जांच की जाती है। दूसरे चरण की लॉटरी के लिए विभाग को कुल 2194 आवेदन ऑनलाइन प्राप्त हुए थे, लेकिन 50 फीसद से ज्यादा आवेदनों में कमियां होने के...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.