नई दिल्ली, अगस्त 15 -- भारत और पाकिस्तान 15 और 14 अगस्त को अपना स्वतंत्रता दिवस मनाते हैं। भले ही यह दोनों तारीखें दोनों देशों के लिए एक खुशी लेकर आती हैं। लेकिन बंगाल और पंजाब में रहने वाले लाखों लोगों के लिए यह तारीख एक ऐसी वीभत्स घटना की बरसी बन जाती हैं, जिसने इस पूरे क्षेत्र के भूगोल और जन सांख्यिकी को हमेशा के लिए बदल दिया। हिंदुस्तान और पाकिस्तान के बंटवारे में उस वक्त लाखों लोगों की जान गई थी। लाखों औरतों की आबरू को लूट लिया गया था। इस पूरे घटनाक्रम का दोष अंग्रेज वकील सिरिल रेडक्लिफ को दिया जाता है, जिन्होंने दोनों देशों के बीच सीमा बनाई थी। पराधीन भारत, जिसमें आज का पाकिस्तान और बांग्लादेश भी शामिल था। उसके बंटवारे को एक ऐसे इंसान के हाथों में सौंप दिया गया, जिसने कभी भारत देखा भी नहीं था। इस काम के लि चुने गए सिरिल रेडक्लिफ पहल...