नई दिल्ली, अक्टूबर 12 -- पटना ब्यूरो डिजिटल उपयोग बढ़ने के साथ ही इससे जुड़े खतरे भी बढ़े हैं। साइबर दुनिया में आम आदमी पहचान उनके मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी, तस्वीर आदि के माध्यम से बिकने लगी है। साइबर सुरक्षा इकाई की जांच में पता चला है कि इंश्योरेंस और लोन बेचने वाली कंपनियों से लेकर साइबर अपराधी तक इस पहचान को खरीद कर लोगों को आर्थिक, सामाजिक व मानसिक रूप से नुकसान पहुंचा रहे हैं। शातिर पांच रुपये में मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी और 500 से 800 रुपये में सत्यापित आधार नंबर थर्ड पार्टी एजेंट से खरीद रहे हैं।कैसे लीक हो रहा है डेटा साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, आम आदमी की पहचान लीक होने के दो प्रमुख तरीके हैं। पहला, व्यक्ति अपनी संवेदनशील डिजिटल पहचान सार्वजनिक रूप से उजागर कर रहा है और दूसरा, थर्ड पार्टी वेबसाइट और ऐप पर दर्ज उनका डेटा ...