घाटशिला, अप्रैल 20 -- गालूडीह। गालूडीह के दिगड़ी सुवर्णरेखा नदी के किनारे के मछुआरों का हाल बेहाल है। सुबह से दोपहर तक कड़ी मेहनत के बाद पकड़ी हुई मछली बेचना भी उनके लिए चुनौतियों भरा होता है। मछली बेचने के लिए पुल के उपर ही दुकान लगा कर बैठे रहते हैं, ताकि मछली बिके और परिवार के दाना-पानी का इंतजाम हो। मछुआरों ने कहा कि बाजार से प्रति किलो 70-80 रूपए कम कीमत रखते हैं, ताकि पकड़ी हुई मछली बिक जाए। उन्होंने कहा कि कुछ दिनों से गर्मी के कारण मछलियां नहीं बिक रही हैं। इसके चलते बाद में मछलियां को फेंक देना पड़ता है। यह भी पढ़ें- गर्मी शुरू होते ही चरमराई बिजली व्यवस्था उन्होंने कहा कि इसकी भंडारण सहित बर्फ की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि मछली की बिक्री सुबह होती है पर मछली पकड़ने में देर हो जाती है। इस कारण शाम का भरोसा रहता है। इतनी मे...
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