नई दिल्ली, जुलाई 10 -- भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि हजारों वर्ष पुरानी आस्था और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। हर साल लाखों श्रद्धालु पुरी पहुंचकर तीनों देवताओं - जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के विशाल रथों को खींचते हैं। यह यात्रा सिर्फ पुरी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में भक्ति की अनुपम मिसाल बनी हुई है। इस साल महाप्रभु जगन्नाथ की रथ यात्रा 16 जुलाई से शुरू होगी और 24 जुलाई तक विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न होगी।रथ यात्रा की प्राचीनता भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की शुरुआत लगभग 5,000 साल पहले मानी जाती है। यह परंपरा कलियुग के आरंभिक काल से चली आ रही है। स्कंद पुराण के उत्कल खंड में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है। मान्यता है कि यह यात्रा भगवान श्रीकृष्ण की इच्छा से शुरू हुई थी, जब वे अपनी बहन सुभद्रा...