रियाद, अगस्त 11 -- सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हाल ही में घोषित मक्का संयुक्त रक्षा समझौता अपने पहले ही बड़े इम्तिहान में फेल होता दिख रहा है। ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जाजान स्थित अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला कर दिया। लेकिन, 'एक पर हमला, तीनों पर हमला' का दावा करने वाले इस नवगठित गठबंधन ने न तो कोई सैन्य जवाबी कार्रवाई की और न ही हमले को लेकर कोई धमकी दी।हमले के बाद खामोश रहे पाकिस्तान और तुर्की 'द यरूशलम पोस्ट' के एक ताजा एनालिसिस में इस सैन्य गठबंधन की हकीकत सामने आई है। सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगान और पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को मक्का में इस समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। इस समझौते को 'इस्लामिक देशों का नाटो' भी कहा जा रहा है। समझौता हो...