गंगापार, जुलाई 8 -- वन महोत्सव के अन्तर्गत विभिन्न विभागों द्वारा विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया जा रहा है, लेकिन सुरक्षा व संरक्षा के अभाव में रोपित किए जा रहे पौधों में पच्चास फीसदी से अधिक या तो सूख जाते हैं, अथवा घेरवाड़ न होने से घूमन्तू पशु इन पौधों को अपना निवाला बना लेते हैं। वनाधिकारी मेजा डीएन पांडेय ने बताया कि वन विभाग की ओर से मांडा के पियरी, मेजा के कोहड़ार, सिंहपुर सहित वन विभाग की खाली पड़ी जमीन पर लगभग 464 हेक्टेयर जमीन में पीपल, पाकरि, आवंला, ईमली सहित विभिन्न प्रकार के पौधों का रोपण किया जाना है। सभी प्रकार के पौधों का रोपण 12 जुलाई को किया जाएगा। यह भी पढ़ें- Mathura News: ​पौधे लगाने के साथ उसकी सुरक्षा करना हमारी जिम्मेदारी- जिलाधिकारी पौध रोपण के बाद इन पौधों की सुरक्षा के लिए वन विभाग की ओर से पत्थडवाड़ी किया जाए...