नई दिल्ली, सितम्बर 8 -- Mangal-Guru Yuti 2026: ग्रहों के सेनापति मंगल एक राशि में लगभग 45 दिन तक गोचर करते हैं। इस दौरान जब मंगल उस राशि में प्रवेश करते हैं जहां पहले से गुरु मौजूद हों, तो दोनों ग्रहों की युति बनती है या नजदीक आते हैं। 18 सितंबर 2026 को मंगल चंद्रमा की कर्क राशि में गोचर करने वाले हैं। जहां पहले से ही गुरु विराजमान हैं। इस तरह से कर्क राशि में मंगल-गुरु युति शुरू होगी जो कि करीब 45 दिन तक (अक्टूबर के अंत) रहेगी। ज्योतिष गणना के अनुसार, जब कर्क राशि में गुरु और मंगल साथ आते हैं तो नीच भंग राजयोग बनता है। इसे गुरु-मंगल योग भी कहा जाता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि गुरु-मंगल का नजदीक आना या युति बनना एक अत्यंत प्रभावशाली घटना है। गुरु वैभव, संपदा और ऐश्वर्य के कारक हैं। जबकि मंगल थोड़ा आक्रामक ग्रह है जो कि साहस, प...