नई दिल्ली, जुलाई 13 -- जिंदगी कब, कहां और कैसे एक नया मोड़ ले ले कोई नहीं जानता। कहते हैं न कि पढ़ने-लिखने और कुछ नया सीखने की कोई उम्र नहीं होती, बस दिल में जज्बा होना चाहिए। इसी बात को सच कर दिखाया है 45 साल की जिगीषा टेलर और उनके 21 साल के बेटे आदित्य कपाड़िया ने। जरा सोचिए, जिस आईआईटी में एडमिशन पाना लाखों छात्रों का सपना होता है, उसी आईआईटी मद्रास के दीक्षांत समारोह में एक मां और बेटा जब एक साथ स्टेज पर डिग्री लेने पहुंचे होंगे तो नजारा कैसा रहा होगा? यह किसी फिल्मी कहानी जैसा जरूर लगता है, लेकिन यह सौ टका हकीकत है। गुजरात के भरूच की रहने वाली जिगीषा टेलर ने अपनी जिंदगी के 16 साल एक इंजीनियरिंग कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्स पढ़ाने में गुजार दिए। वो एक बेहतरीन टीचर थीं लेकिन 2019 में कुछ पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्हें अपनी नौकरी छो...