लखीमपुरखीरी, मार्च 6 -- ईसानगर के नरगड़ा गांव के विश्वम्भर दयाल मिश्रा 43 वीं बार दूल्हा बने। गाजे बाजे के साथ बारात लेकर दुल्हन के दरवाजे पहुंचे। बारात का स्वागत सत्कार हुआ। फेरे की रस्में हुईं और विदाई भी। पर हर साल की तरह 43 वीं बार विश्वम्भर की बारात बिना दुल्हन के बैरंग वापस हुई। इससे पहले 35 मर्तबा विश्वम्भर के बड़े भाई श्यामबिहारी की बारात भी बिना दुल्हन के वापस लौट चुकी है। होली का दिन रंगों से सराबोर बारातियों का जत्था ट्रैकर पर सवार दूल्हे के साथ गांव के बीच निकली। बारात में करीब करीब पूरा गांव शामिल है। बारात दुल्हन के दरवाजे पर पहुंची। बारातियों का स्वागत हुआ। परम्परानुसार बारातियों को जलपान कराकर जनवासे में ठहरा दिया गया। बारात में शामिल लोगों के पांव भी पखारे गए। उधर वधु के महिलाओं ने घर में मंगलगीत गाए। द्वारपूजन के बाद विवाह...