हापुड़, अगस्त 31 -- श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व हर्षण व वज्र के साथ जयंती नामक शुभ योग में चार सितंबर को मनाया जाएगा। सभी धर्मावलम्बी (स्मार्त व वैष्णव ) इसी दिन निर्जला अथवा सजला व्रत करेंगे। भारतीय ज्योतिष कर्मकांड महासभा अध्यक्ष ज्योतिर्विद पंडित केसी पाण्डेय ने श्रीमद्भागवत, महाभारत, भविष्य पुराण, अग्नि पुराण, निर्णयसिंधु, धर्मसिंधु आदि धर्मग्रंथों के श्लोक उदाहरण देते हुए बताया कि भगवान श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद महीने के कृष्णपक्ष अष्टमी तिथि को मध्य रात्रि रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस बार भाद्रपद कृष्णपक्ष अष्टमी तिथि 3 सितम्बर की देर रात 2:25 बजे से प्रारम्भ होकर 4 सितंबर शुक्रवार को देर रात 12 बजकर 13 मिनट तक रहेगा तथा रोहिणी नक्षत्र 3 सितंबर की रात्रि 12:29 बजे से प्रारम्भ होकर 4 सितंबर को देर रात्रि 11:04 बजे तक र...