नई दिल्ली, जुलाई 16 -- हिंदी सिनेमा जगत की फर्स्ट लेडी का दर्जा पाने वाली दिग्गज अभिनेत्री देविका रानी को कोई कैसे भला कैसे भूल सकता है। देविका रानी ने उस वक्त हिंदी सिनेमा में कदम रखा जब महिलाओं को घर से बाहर निकले की इजाजत भी नहीं थी। वहीं, अगर कोई महिला फिल्मों में काम करती तो उसे वेश्यावृति समझा जाता था। यही वो वजह थी कि फिल्मों में हीरो ही हिरोइनों का रोल करते थे। उस दौर में देविका रानी ने ऐसा करने की हिम्मत की और यही नहीं भारतीय सिनेमा की पहली हीरोइन होने का श्रेय भी हासिल किया। लेकिन क्या आपको देविका रानी और रवीन्द्रनाथ टैगोर के बीच के खास रिश्ते के बारे में पता है।30 और 40 के दशक की सुपरस्टार थीं देविका रानी साल 1933 में फिल्म 'कर्मा' से फिल्मों में कदम रखने वाली देविका रानी की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। देविका रानी 3...