नई दिल्ली, जून 16 -- सरकारी डेंटल कॉलेज जोधपुर में फैकल्टी की कमी दूर करने के लिए जारी किए गए प्रतिनियुक्ति आदेश अब सरकार और आरयूएचएस प्रशासन के लिए बड़ी परेशानी बन गए हैं। हालात ऐसे हैं कि एक के बाद एक चार प्रोफेसरों को जोधपुर भेजने के आदेश जारी किए गए, लेकिन किसी ने भी ज्वाइन नहीं किया। सभी ने अपने प्रभाव और संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए आदेश निरस्त करवा लिए। आखिरकार कॉलेज प्रशासन को मजबूर होकर उस पद पर जूनियर फैकल्टी की नियुक्ति करनी पड़ी, जो राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग (NDC) के मानकों के अनुसार योग्य भी नहीं मानी जा रही।50 बीडीएस सीटों पर लटका भविष्य दरअसल, सरकारी डेंटल कॉलेज जोधपुर में पर्याप्त फैकल्टी, उपकरण और बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते NDC ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए बीडीएस की 50 सीटों का नवीनीकरण रोक दिया था। इसका सीधा ...