गिरडीह, मार्च 2 -- झारखंडधाम, प्रतिनिधि। काशी (वाराणसी) के कथा वाचक सह धर्म शास्त्रों के जानकार आचार्य कन्हैया द्विवेदी ने रविवार को कहा कि होली त्योहार पर शास्त्रोक्त मत के अनुसार इस वर्ष 2 मार्च की रात्रि 11:53 से 12:50 के बीच भद्रा मुख का परित्याग करके भद्रा पुच्छ में होलिका दहन पश्चिम वायव्य में करना श्रेयस्कर होगा। उन्होंने कहा कि 03 मार्च को ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्रग्रहण लगेगा जिसका दृश्य समय शाम 6 बजे एवं मोक्ष शाम 6:48 बजे होगा। चंद्रग्रहण का सूतक काल 9 घंटे के पूर्व प्रारंभ हो जाता है। अतः सूतक काल में मंदिर में प्रवेश, भोजन, यात्रा एवं मैथुन वर्जित होता है। सर्वत्र होली उत्सव रंगोत्सव 4 मार्च 2026 बुधवार को मनाया जायेगा।

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