प्रयागराज, नवम्बर 2 -- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वर्ष 1986 में बांदा में हुए दुष्कर्म के मामले में आरोपी मंगल सिंह की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने सत्र अदालत की ओर से सुनाई गई सात साल के कठोर कारावास की सजा और एक हजार रुपये जुर्माने के आदेश को बरकरार रखा है। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता की गवाही विश्वसनीय और भरोसेमंद है। उसकी गवाही की पुष्टि घटना के चश्मदीद गवाह ने भी की है। ऐसे में दोषसिद्धि और सजा के फैसले में हस्तक्षेप का कोई आधार नहीं है। न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद ने मंगल सिंह की ओर से दाखिल आपराधिक अपील पर यह आदेश दिया। मामला बांदा जिले के तिंदवारी थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 28 मई 1986 को दोपहर करीब 12 बजे पीड़िता अपनी बारी से घर लौट रही थी। इसी दौरान नाले के पास आरोपी ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता के शोर मचाने...