पूर्णिया, मार्च 16 -- जलालगढ़, एक संवाददाता।जलालगढ़ प्रखंड के दनसार पंचायत अंतर्गत पेमा धार पर बना सखुआ लकड़ी का पुल वर्ष 1987 की भीषण बाढ़ में बह गया था, लेकिन करीब 39 वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक वहां नया पुल नहीं बन पाया है। पुल के बह जाने के बाद जो लकड़ियां बची थीं, उन्हें भी लकड़ी माफियाओं ने रातों-रात चोरी कर लिया। इसके बाद से ही उस रास्ते से लोगों का आवागमन पूरी तरह बाधित है। स्थानीय लोगों के अनुसार जिस सड़क पर यह पुल बना हुआ था, वह कई गांवों के लोगों के आने-जाने का प्रमुख मार्ग था। पुल टूटने के बाद से यह सड़क वर्षों से बंद पड़ी है। बरसात के मौसम में सड़क और पुल के आसपास मर्द भर पानी जमा हो जाता है। जल निकासी का कोई रास्ता नहीं होने के कारण साल भर वहां पानी भरा रहता है, जिससे लोगों का आना-जाना लगभग असंभव हो जाता है। ग्रामीणों का क...