जमशेदपुर, जनवरी 25 -- पूर्वी सिंहभूम जिले में 18 टीजीटी शिक्षकों की कथित अवैध बहाली को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जांच के आदेश दिए जाने के 38 दिन बाद भी जिला शिक्षा पदाधिकारी की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है। मामले के शिकायतकर्ता पारडीह निवासी कार्त्तिक चन्द्र साव ने विभागीय प्रतिवेदन नहीं मिलने पर सवाल उठाए हैं। कार्त्तिक चन्द्र साव का कहना है कि विभागीय प्रतिवेदन देना सामान्य प्रक्रिया है और इससे संबंधित सभी साक्ष्य विभाग के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों की इस तरह की कार्यशैली के कारण गैरकानूनी तरीके से शिक्षकों को वेतन भुगतान कर सरकारी राजस्व का दुरुपयोग किया जा रहा है और अवैध रूप से नियुक्त शिक्षकों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2017 से पहले इन सभी 18 टीजीटी शिक्षकों ने बीएड प्...