नई दिल्ली, सितम्बर 17 -- अगर कोई महिला पुरुष के वेशभूषे में आपके सामने आ जाए तो आपको उसे पहचानने में कितनी देर लगेगी? शायद आप कहें कि इसका पता चलने में बिल्कुल देर नहीं लगेगी। लेकिन तमिलनाडु के एक गांव में लोगों को यह बात 37 साल तक पता नहीं चली। जी हां, पूरे गांव को पता नहीं चला कि पिछले करीब 4 दशक से उनके साथ रह रहा एक शख्स, असल में एक महिला है। ये कहानी है मुथू मास्टर की। तमिलनाडु के तूथुकुडी जिले के एक छोटे से गांव कट्टूनायकनपट्टी में लोग दशकों से 'मुथू मास्टर' को एक शांत और मेहनती पुरुष समझते रहे। सफेद कमीज, धोती, सिर पर साफा और होंठों में बीड़ी दबाए खेत-खलिहानों में कुल्हाड़ी चलाते मुथू को पूरा गांव 'अन्नाची' यानी बड़े भाई कहता था। लेकिन इन सबके पीछे छिपा था एक मां का दर्द। मुथू मास्टर को आखिर यह कदम उठाना क्यों पड़ा? सच्चाई जानकर कि...