रामपुर, जून 25 -- प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री माटी कला रोजगार योजना रामपुर के कुम्हारों और प्रजापति समाज के लिए स्वरोजगार की नई इबारत लिख रही है। वर्ष 2019-20 में शुरू हुई इस योजना ने न केवल विलुप्त हो रही पारंपरिक माटी कला को संजीवनी दी है, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। जिला ग्रामोद्योग अधिकारी भूपेंद्र सिंह द्वारा साझा किए गए आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले में अब तक 350 से अधिक कारीगरों को निशुल्क इलेक्ट्रिक चाक (टूलकिट) बांटे जा चुके हैं। वहीं, बड़े स्तर पर उत्पादन के लिए जिले में अब तक 19 नई इकाइयां स्थापित की गई हैं। योजना का जमीनी असर यह है कि अब पारंपरिक कुम्हार आधुनिक ओवन तकनीक से कुल्हड़ और दीये बनाकर अपनी आमदनी को कई गुना बढ़ा रहे हैं और दर्जनों अन्य लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं। यह भी पढ़ें- माटीकला के 4...