लखनऊ, सितम्बर 5 -- दिल की बीमारियों के बढ़ते मामलों के बीच विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी दूर करने की जरूरत है। इलाज के साथ ही नई पीढ़ी के डॉक्टरों को बेहतर प्रशिक्षण देकर इस कमी को पूरा किया जा सकता है। यह कहना है केजीएमयू के 1976 बैच के पूर्व छात्र और वरिष्ठ कार्डियोवैस्कुलर सर्जन डॉ. जिले सिंह मेहरवाल का। उन्होंने अपने करीब 40 वर्ष के चिकित्सा करियर के अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस दौरान 35 हजार से अधिक हृदय संबंधी सर्जरी की गई हैं। शनिवार को केजीएमयू के कलाम सेंटर में जॉर्जियन एलुमनाई एसोसिएशन की ओर से आयोजित शिक्षकों के सम्मान समारोह में डॉ. जिले सिंह मेहरवाल ने कहा कि हृदय रोगों का इलाज लगातार बेहतर हो रहा है। वाल्व रिप्लेसमेंट, बाईपास सर्जरी और जटिल हृदय रोगों के ऑपरेशन से लेकर हार्ट ट्रांसप्लांट तक की सुविधा ने गंभीर मरीजों के इलाज ...