नई दिल्ली, अगस्त 1 -- जुलाई का महीना जब-जब आता है देश के लोगों को वह दौर याद आ जात है जब देश का खजाना खाली हो गया था। भारत के पास महज कुछ दिन का इंपोर्ट करने के लिए ही डॉलर बचा था। तब भारत के लिए सोना ढाल बनकन उभरा था। उसे बुरे दौर ने बाहर निकालने में गोल्ड का बड़ा योगदान रहा। बता दें, 1991 में देश आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। तब तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने ऐतिहासिक बजट पेश करते हुए भारत की इकनॉमी को मुक्त अर्थव्यवस्था बना दिया था। दुनिया भर के बाजारों के लिए इंडियन इकनॉमी को खोल दिया गया था। यह भी पढ़ें- 6वीं बार बोनस शेयर दे रहा है पेनी स्टॉक, इस बार मिलेंगे 7 शेयर फ्रीकैसे आर्थिक संकट से घिर गया था भारत रातों-रात भारत का खजाना खाली नहीं हुआ था। 1980 के दौर में भारत विदेशों से अधिक कर्ज लेना शुरू करता है। जिसकी वजह से राजकोषीय...