उत्कर्ष आनंद, नई दिल्ली, अप्रैल 16 -- भारतीय वायुसेना (IAF) से बर्खास्त किए गए एक पूर्व अधिकारी को तीन दशक बाद आखिरकार अपना सम्मान वापस मिलने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि 1993 में उन्हें सेवा से हटाना एक गलत और अनुचित कदम था। अदालत ने एक दुर्लभ आदेश पारित करते हुए निर्देश दिया है कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के इस पूर्व अधिकारी को एक औपचारिक और सम्मानजनक विदाई दी जाए। कोर्ट ने एक बेहद अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि एक सैनिक के लिए अपने सम्मान की बहाली सबसे बड़ी चिंता का विषय होती है।अदालत के फैसले की मुख्य बातें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने पूर्व स्क्वाड्रन लीडर आर. सूद की 1993 की बर्खास्तगी को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वायुसेना द्वारा लिया गया यह निर्णय कानूनी रूप से अस्थिर और दोषपूर्ण था। अद...