प्रयागराज, जनवरी 29 -- प्रयागराज, वरिष्ठ संवाददाता। तीन मार्च को होलिका दहन के बाद चार मार्च को इस बार होली खेली जाएगी, लेकिन माघ मेला क्षेत्र में 33 दिनों पहले ही होली का रंग दिखा। संतों ने जमकर फूलों की होली खेली। दंडीबाड़ा के मठ मछली बंदर शिविर में स्वामी विमलदेव आश्रम के शिविर में फूलों की होली का आयोजन हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में दंडी संन्यासी मौजूद रहे। शिविर के पंडाल में आगे की ओर रंगबिरंगे फूलों को रखा गया था। सबसे पहले मौजूद संतों को तिलक लगाकर माला पहनाई गई और फिर गीत बजने शुरू हो गया। इसके बाद संत होली के रंग में दिखाई दिए। मंच पर गंभीर विषयों पर चर्चा करने वाले साधु संतों ने एक दूसरे पर ऐसे फूल डालने शुरू किए मानों 16 वर्षीय किशोर हों। स्वामी विमलदेव आश्रम ने बताया कि यह एक परंपरा है। माघ मेला खत्म होने से पहले एक दिन फूलों ...