हल्द्वानी, मई 7 -- वर्ल्ड थैलीसीमिया डे स्पेशल 32 साल में 384 बार खून चढ़वा चुकी पवलीन कौर बच्चो के लिए बनी मिसाल -30 से 35 की उम्र में हार्ट फेल या अन्य हृदय रोग का खतरा -बीमारी में बार-बार खून चढ़ाने से बढ़ती शरीर में आयरन की मात्रा पूनम मौर्य हल्द्वानी। ये खबर सिर्फ पवलीन कौर की नहीं बल्कि थैलीसीमिया से पीड़ित अर्शी सिद्दीक़ी, कविता आर्या और अमन आर्या की भी है जिनके लिए ये बीमारी कोई अभिशाप नहीं बल्कि उनकी ताकत बन चुकी है गोविन्दपूरा हल्द्वानी निवासी 32 साल की पवलीन कौर को जनम से ही थैलेसीमिया है, दिल्ली के गंगाराम हॉस्पिटल से उनका इलाज़ चल रहा हैं पवलीन कौर ने बताया हर महीने खून चढ़वाने और जरुरी दवाइयों के लिए दिल्ली जाती हैं जिसमे 20 हज़ार का खर्च हर महीने आता हैं वर्तमान में पवलीन ठंडी सड़क स्थित किड्स गुरुकुल की संचालक है और बच्चो को पढ़ात...