रांची, अगस्त 26 -- रांची, विशेष संवाददाता। करीब 31 साल पुराने सड़क हादसे के मामले में झारखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अदालत ने प्रार्थी भानु प्रताप सिंह के पक्ष में फैसला सुनाया है। अदालत ने मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) की ओर से निर्धारित मुआवजे की राशि बढ़ाकर 14.10 लाख रुपये कर दी है। साथ ही इस राशि पर दावा दायर करने की तारीख से वास्तविक भुगतान तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का निर्देश दिया है। मामला वर्ष 1995 का है। दुर्घटना के समय भानु प्रताप सिंह की उम्र 28 वर्ष थी और वह मीडियाकर्मी के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने सिविल सेवा की प्रारंभिक परीक्षा भी उत्तीर्ण की थी। इसी दौरान एक पुलिस जीप की टक्कर में उनके बाएं पैर की हड्डी और टिबिया टूट गई थी। गंभीर चोट के कारण उन्हें लंबे समय तक इलाज कराना पड़ा और करीब तीन ...