बलरामपुर, जून 16 -- बलरामपुर, संवाददाता। करीब तीन दशक पुराने आर्म्स एक्ट के मामले में न्यायालय ने मंगलवार को आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। सिविल जज (जूनियर डिवीजन)/न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रभात दुबे ने आरोपी को न्यायालय उठने तक खड़े रहने तथा एक हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सहायक अभियोजन अधिकारी आशा यादव ने बताया कि 3 अगस्त 1995 को देहात कोतवाली की पुलिस ने ग्राम शेखरपुर निवासी धर्मपाल पुत्र शालिकराम के कब्जे से एक अवैध शस्त्र बरामद किया था। इस संबंध में पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की विवेचना तत्कालीन उपनिरीक्षक अब्दुल रहमान ने की थी। यह भी पढ़ें- 24 साल पुराने आर्म्स एक्ट मामले में आरोपी को सजा, 1500 रुपये का जुर्माना जांच पूरी होने के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत ...