अहमदाबाद, जुलाई 8 -- गुजरात में शेर के चंगुल से बचे शख्स ने बताया कि यह मौत के साथ उनका आमने-सामने का मुकाबला था। वह जानते थे कि जरा सी भी गलती उनकी आखिरी गलती हो सकती है। सोमवार को गुजरात के पालिताना तालुका के गराजिया गांव में लगभग 30 मिनट तक एक शेर ने कालू परमार को जमीन पर दबाए रखा। परमार ने बताया कि वह इसलिए बच पाए क्योंकि वे शांत रहे, शेर की आंखों में देखते रहे और घबराए नहीं। परमार ने बताया कि मैं मौत को बहुत करीब से देख रहा था। हर पल मुझे अपना आखिरी पल लग रहा था। उन्होंने बताया कि मैंने अपनी गाय को बांधा था और आंगन में खड़ा था। जैसे ही मैं घर के अंदर जाने के लिए मुड़ा, किसी चीज ने मुझ पर झपट्टा मारा। इससे पहले कि मैं समझ पाता कि क्या हुआ है, मैं जमीन पर गिर चुका था। मैंने देखा कि वह एक शेर था। यह भी पढ़ें- पहली बार 38 को फांसी; गुजरा...