कानपुर, अप्रैल 24 -- फोटो भी कानपुर, प्रमुख संवाददाता। नगर निगम में निजीकरण के खिलाफ और नगर आयुक्त की वादाखिलाफी को लेकर शुक्रवार को संयुक्त कर्मचारी संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बैठक की। आरोप लगाया कि नगर आयुक्त से 27 जनवरी 2026 को निजीकरण सहित पांच बिंदुओं पर वार्ता हुई थी। इन पर आज तक अमल न हुआ। नगर आयुक्त से 22 अप्रैल को पत्र दे तीन दिन का अल्टीमेटम दिया था पर नगर आयुक्त ने वार्ता करने तक का औचित्य नहीं समझा। निजीकरण पर कुछ संशोधन न हुआ तो 30 अप्रैल को कर्मचारी बाध्य होकर धरना दे आरपार जंग का आगाज कर देंगे।हरिओम वाल्मीकि और रमाकांत मिश्र ने आरोप लगाया कि आश्वासन के बावजूद दूसरी तरफ निजीकरण का टेंडर निरंतर होते जा रहे हैं। यह भी पढ़ें- बिजलीघरों के संचालन-अनुरक्षण के टेंडर से भड़का आक्रोश कंपनियों ने प्रतिभाग भी किया है जिसके कारण क...