नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- शिक्षक दिवस का मौका था और कटक के सेकेंडरी बोर्ड हाई स्कूल का मैदान खचाखच भरा था। इसी बीच, कभी खुद एक शिक्षक रह चुके ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी जब मंच पर आए, तो उन्होंने सिर्फ रस्मी भाषण नहीं दिया, बल्कि राज्य के युवाओं और शिक्षा व्यवस्था के लिए एक ऐसा विजन पेश किया जिसने सबको चौंका दिया। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच सीएम ने ऐलान किया कि उनकी सरकार अगले तीन सालों के भीतर पूरे राज्य में 45,000 शिक्षकों की खाली पड़ी भर्तियां भरने जा रही है। यह खबर उन लाखों नौजवानों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है जो सालों से सरकारी नौकरी और खासकर टीचिंग के पेशे में अपना मुस्तकबिल संवारने का सपना देख रहे थे। राजनीति के इस चमकते मंच पर आने से पहले मोहन चरण माझी खुद एक उस्ताद यानी शिक्षक रह चुके हैं। शायद यही वजह है कि वह शिक्षा...