कार्यालय संवाददाता, जुलाई 10 -- बिहार के विश्वविद्यालयों में तीन वर्षीय स्नातक करने वाले विद्यार्थी अब एक वर्षीय पीजी पाठ्यक्रम भी कर सकेंगे। ऐसे विद्यार्थियों को पीजी डिप्लोमा की डिग्री मिलेगी। वैसे विद्यार्थी जो तीन वर्षीय स्नातक करने वाले हैं और दो वर्षीय पीजी में नामांकन लेंगे वे पहले वर्ष यानी पहले और दूसरे सेमेस्टर की पढ़ाई पूरी करने के बाद पीजी डिप्लोमा लेकर कोर्स से बाहर निकल सकेंगे। यह एग्जिट विकल्प केवल उन्हीं विश्वविद्यालयों में मिलेगा जो इसके लिए अलग से पाठ्यक्रम तैयार करेंगे। नई शिक्षा नीति के तहत इसमें एग्जिट का विकल्प दिया जा रहा है। ताकि वैसे विद्यार्थी यदि पीजी करने के दौरान कहीं नौकरी पा लेते हैं तो उन्हें पीजी का कोर्स पूरा करने के चक्कर में नौकरी का अवसर न गंवाना पड़े। यह भी पढ़ें- बिहार के विश्वविद्यालयों में अब इंटर्...