भरतेंदु मिश्रा, नवम्बर 26 -- यूपी के सुलतानपुर की अमीना बानो ने परिस्थितियों से लड़कर खेल जगत में एक बड़ा मुकाम हासिल किया। राष्ट्रीयत स्तर पर पहचान पाई लेकिन आज गुमनामी का जीवन जी रही हैं। शुरूआत में पारिवारीक बंदिशें, बाद में सामाजिक सरोकार भी आड़े आए। शहर के विवेक नगर मोहल्ला निवासी अमीना बानो ताइक्वांडो खेल में नेशनल स्तर तक खेलकर मेडल हासिल कर चुकीं हैं। जीतने पर अमीना को लोगों ने सम्मानित तो किया, लेकिन परिस्थितियों ने उनको गुमनामी के अंधेरे में धकेल दिया। अमीना ने बताया कि उनके बड़े भाई की एक दुर्घटना में वर्ष 1998 में मौत हो गई। इससे कपड़ा कारोबारी पिता शमी खां टूट गए थे। अमीना अभी छोटी ही थी, वर्ष 2000 में उनके पिता का इंतकाल हो गया। इसके बाद घर की माली हालत काफी बिगड़ गई। एक तरफ पारिवारिक समस्याएं तो दूसरी तरफ मुसलिम समाज की बंद...
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