पटना, मार्च 6 -- राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से पीजी उत्तीर्ण 298 छात्र-छात्राओं को अनिवार्य सेवा के तहत अस्पतालों में पदस्थापित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इसका आदेश जारी कर दिया है। विभाग ने कहा है कि इन सभी से सामान्य चिकित्सकीय कार्यों के साथ-साथ विशेषज्ञ चिकित्सक का भी कार्य लिया जाएगा। इनको 85 हजार रुपये महीने का मानदेय मिलेगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन्हें आकस्मिक और प्रतिबंधित अवकाश को छोड़कर अन्य कोई अवकाश नहीं मिलेगा। महिलाओं को मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। वहीं, विभाग ने बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद द्वारा अनुशंसित 309 चिकित्सकों को राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर के तीन वर्षीय टेन्योर पदों पर पदस्थापित किया है। चिकित्सकों को कहा गया है कि 15 दिनों के अंदर वह य...